शोर-शराबे से दूर हटकर अपने भीतर झांकने और अधूरी बातों को समेटने का समय
Overview
ऑफिस से लौटते हुए जब आप फोन को साइलेंट पर डालकर बस खिड़की से बाहर देखना चाहते हैं, तो यह थकान नहीं बल्कि मन का ठहराव है। सप्ताह की शुरुआत 19 अक्टूबर को कुंभ राशि में चंद्रमा के गोचर से संवाद और रोजमर्रा की चहल-पहल के साथ होती है। सहकर्मियों और दोस्तों के साथ कई योजनाएं बनेंगी, लेकिन 21 अक्टूबर को चंद्रमा के मीन राशि में जाते ही घरेलू जिम्मेदारियां आपको अपनी ओर खींचेंगी। सप्ताह का असली मोड़ 23 अक्टूबर को आता है, जब पश्चिमी ज्योतिष के अनुसार सूर्य आपकी राशि से बारहवें भाव यानी वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा। इसके ठीक बाद 24 अक्टूबर को बुध भी इसी बारहवें भाव में वक्री हो जाएगा। बारहवां भाव एकांत, विश्राम और पुराने मामलों को सुलझाने का क्षेत्र है। वक्री बुध आपको रुककर सोचने पर मजबूर करेगा कि कौन सी बातें आपके मानसिक सुकून को छीन रही हैं। किसी अधूरी योजना या पुराने विचार को दोबारा परखने का यह बेहतरीन समय है। सप्ताह के अंत में 25 अक्टूबर को शुक्र के तुला राशि में लौटने पर किसी पुराने मित्र से बातचीत मन का बोझ हल्का कर देगी। खुद को थोड़ा समय दीजिए।
प्रेम
रिश्तों में अनकही बातें या पुरानी गलतफहमियां 20 अक्टूबर को शुक्र और प्लूटो के केंद्र दृष्टि प्रभाव से सतह पर आ सकती हैं। सातवें भाव में अरुण वक्री होने के कारण पार्टनर के मूड में अचानक बदलाव दिख सकता है। ऐसे में तुरंत प्रतिक्रिया देने या बहस को तूल देने से बचें। अगर मन में कोई संशय है, तो शांत बैठकर स्पष्ट बात करें। सप्ताहांत में जब शुक्र तुला में जाएगा, तो माहौल में सहजता और अपनापन फिर लौट आएगा।
करियर
कामकाज के मामले में यह हफ्ता नई जिम्मेदारियां लेने के बजाय पुराने अधूरे प्रोजेक्ट्स को खत्म करने का है। नौवें भाव में मंगल और बृहस्पति की मौजूदगी आपको दूरगामी लक्ष्यों के लिए प्रेरित कर रही है, लेकिन 24 अक्टूबर को बारहवें भाव में बुध के वक्री होते ही फाइलों और ईमेल में गलतियों की आशंका बढ़ जाएगी। कोई भी जरूरी प्रेजेंटेशन या रिपोर्ट भेजने से पहले दो बार जांचें। सहकर्मियों के साथ स्पष्ट संचार बनाए रखें।
धन
आर्थिक मामलों में जल्दबाजी में लिया गया फैसला बजट बिगाड़ सकता है। 20 अक्टूबर को शुक्र-प्लूटो केंद्र दृष्टि के समय किसी दिखावे या अचानक ऑनलाइन खरीदारी से बचें। बारहवें भाव में ग्रहों का जमावड़ा अनदेखे छोटे खर्चों की ओर इशारा करता है। अपने साप्ताहिक बिलों और सब्सक्रिप्शन की सूची दोबारा जांच लें, गैर-ज़रूरी खर्चों को छांटने का यह सही समय है।
कल्याण
बारहवें भाव में बुध के वक्री होने और सप्ताहांत में चंद्रमा के छठे भाव में जाने से मानसिक विश्राम सबसे बड़ी प्राथमिकता बन जाता है। देर रात तक स्क्रीन देखने की आदत बदलें। शाम को हल्की सैर और पर्याप्त पानी पीने से ऊर्जा का स्तर बेहतरीन बना रहेगा। नींद से समझौता न करें।
Key dates
शुक्र और प्लूटो के तनाव के कारण व्यक्तिगत रिश्तों में किसी भी संवेदनशील विषय पर तीखी बहस से बचें और धैर्य बनाए रखें।
सूर्य के बारहवें भाव में जाने से भागदौड़ कम करें और शाम का समय खुद की शांति तथा पसंदीदा गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखें।
बुध के वक्री होने पर जरूरी ईमेल और कागजात दोबारा जांचें तथा पुराने अधूरे कामों को प्राथमिकता के साथ निपटाने की शुरुआत करें।